मान लीजिए आपने किसी को Payment करने के लिए Cheque दिया है और सामने वाले ने Bank में Cheque जमा किया. लेकिन कुछ दिन बाद पता चला कि Cheque Bounce हो गया है, तो ऐसे में निम्न सवाल हो सकता है.
- क्या जुर्माना लगेगा?
- क्या Police Case हो सकता है?
- क्या Jail भी हो सकती है?
- क्या Bank Account बंद हो जाएगा?
यही सवाल हजारों लोगों के मन में आते हैं। खासकर Business करने वाले लोगों और आम Bank Customers के लिए Cheque Bounce एक बड़ी परेशानी बन सकता है.
ध्यान दे, Cheque Bounce होना सिर्फ Banking Problem नहीं है, बल्कि कुछ मामलों में यह कानूनी मामला भी बन सकता है. इसलिए इस लेख में हमने पूरी जानकारी, कानूनी प्रक्रिया आदि विस्तार से दिया है ताकि आपको सही जानकारी पता चल सके.
चेक बाउंस होने के मुख्य कारण
Cheque Bounce होने के कई कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार है:
- Account में Balance न होना
- Signature Match न होना
- Cheque की Date गलत होना
- Overwriting या Cutting होना
- Cheque Expire हो जाना
- Account बंद होना
- Stop Payment Instruction देना, आदि.
चेक बाउंस से कैसे बचें?
- Cheque जारी करने से पहले अपने Account Balance जरूर देखें
- अपने Bank Records में मौजूद Signature से Match होने वाला हस्ताक्षर करे.
- चेक पर सभी जानकारी सही, डेट, भरे साथ ही Overwriting न करे.
- जारी किए गए चेक की फोटो या रिकॉर्ड मेन्टेन रखे.
- Emergency में UPI, NEFT या IMPS पेमेंट्स सिस्टम का उपयोग करे.
चेक बाउंस होने पर क्या होता है
अगर आपने किसी को चेक दिया और वह बाउंस हो गया तो इस प्रकार के स्थिति उत्पन्न हो सकते है.
Bank Penalty लग सकती है:
- जब Cheque Bounce होता है तो Bank Charges काट सकता है
- हर Bank के Charges अलग-अलग होते हैं.
- कई Banks 150 से 750 रुपया या उससे अधिक तक Penalty ले सकते हैं.
- इसलिए Cheque जारी करने से पहले Account Balance जरूर Check करें.
Receiver को भी परेशानी होती है:
- जिस व्यक्ति ने Cheque जमा किया था उसे Payment नहीं मिलती है.
- उसे दोबारा Payment लेने के लिए प्रयास करना पड़ता है.
- इस स्थिति में आपके बिच विश्वास कम हो सकता है.
कानूनी नोटिस आ सकता है:
अगर Cheque किसी कर्ज, व्यापारिक लेन-देन या भुगतान के लिए दिया गया था और Bounce हो गया है, तो Receiver आपको Legal Notice भेज सकता है.
- आमतौर पर Notice मिलने के बाद Payment करने का मौका दिया जाता है.
- अगर समय पर भुगतान कर दिया जाए तो मामला यहीं खत्म हो सकता है.
कोर्ट केस हो सकता है:
यदि Notice मिलने के बाद भी Payment नहीं किया गया, तो मामला Court पहुंच सकता है.
यह कार्रवाई Negotiable Instruments Act, 1881 की धारा 138 के तहत की जा सकती है.
इस मामले की गंभीरता को समझिए, इसलिए Cheque Bounce को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए.
चेक बाउंस होने पर तुरंत क्या करें
अगर आपका Cheque Bounce हो गया है, इस प्रक्रिया के तहत आगे का काम करे.
- सबसे पहले Bank द्वारा दिए गए Return Memo को पढ़ें.
- चेक बाउंस होने का कारण उसमे लिखा होता है.
- अगर Balance की कमी से बाउंस हुआ है, तो तुरंत Account में पैसा जमा करें.
- जिस व्यक्ति का Payment बाकी है, उनसे तुरंत संपर्क करें और और Payment का नया तरीका तय करें.
चेक बाउंस का नोटिस मिले तो क्या करें?
सबसे पहले Legal Notice मिले तो उसे हल्के में ना ले.
- Notice ध्यान से पढ़ें.
- Amount Verify करें.
- अपने Bank Records देखें.
- जरूरत हो तो Lawyer से सलाह लें.
- जल्द से जल्द Payment करने की कोशिश करें.
कई बार समय रहते Payment करके Court Case से बचा जा सकता है. पेमेंट पूरा करने के बाद कोर्ट से सेटल कर सकते है.
FAQs
हां, अगर चेक बाउंस होता है तो Bank अपनी Policy के अनुसार Penalty Charge लगा सकता है.
सभी मामलो में जेल नही हो सकता है. लेकिन कुछ विशेष मामलों में कानूनी कार्रवाई के बाद जेल हो सकती है, जो पूरी तरह कोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है.
नहीं, कई मामले आपसी समझौते और Payment से सुलझ जाते हैं. लेकिन जब आपसी बातचीत से मलमा नही सुलझाता है तो फिर मामला कोर्ट में जाता है.
जितनी जल्दी हो सके उतना जल्दी कार्यवाही करना चाहिए. Delay करने से मामला कानूनी रूप ले सकता है और बाद और परेशानी हो सकता है.
